Close
Skip to content

साहित्य विमर्श एंड्रॉयड एप


0 0 वोट
पोस्ट को रेट करें

कई बार, किसी लेख, किसी कहानी, किसी उपन्यास को लिखने के दौरान, लेखक खुद में ही नहीं रहता। वह उस रचना से इस तरह जुड़ जाता है कि उसे अपने आस-पास घट रही घटना की कोई खबर ही नहीं होती है। लेखक उस रचना में इस तरह खो जाता है, जैसे कि वही उसकी दुनिया हो और ऐसा तब तक ही होता है जब तक वह लिखता रहता है।

ऐसा ही कुछ पुस्तकें पढ़ने के दौरान होता है लेकिन उस वक़्त वह उस लेखक की दुनिया में रहता है जिसकी वह पुस्तक पढता है, जबकि आप जब लिख रहे होते हैं तो आप अपने द्वारा गढ़ी दुनिया में ही खोये रहते हैं।

 

#amwriting

0 0 वोट
पोस्ट को रेट करें

सबस्क्राइब करें
सूचित करें
guest
0 टिप्पणियाँ
इनलाइन प्रतिक्रिया
सभी टिप्पणियाँ देखें

.

लेखन और पाठन में खो जाना
0
आपके विचार महत्वपूर्ण हैं। कृपया टिप्पणी करें। x
()
x