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33 Comments

  1. सुनीत शर्मा
    January 21, 2019 @ 8:12 pm

    जीवन के आयामों को सुझाती शानदार कहानी। ?

    • शोभित
      January 21, 2019 @ 10:17 pm

      बहुत शुक्रिया सुनीत भाई

    • शोभित गुप्ता
      January 22, 2019 @ 12:48 am

      शुक्रिया भाई

  2. Mukesh Devrani
    January 21, 2019 @ 11:35 pm

    ख़ुदकुशी करने के लिए जो हिम्मत जुटाते हो उससे आधी हिम्मत दिखाकर ख़ुदकुशी के कारण का निदान कर सकते हो..बहुमूल्य सीख।
    संदेशपरक कहानी

    • शोभित गुप्ता
      January 22, 2019 @ 8:03 am

      बहुत शुक्रिया

  3. आनंद
    January 22, 2019 @ 12:06 am

    बहुत ही सहज तरीके से कही गई बेहतरीन कहानी।

    • शोभित गुप्ता
      January 22, 2019 @ 8:02 am

      बहुत शुक्रिया आनंद भाई

  4. Mani. Aggarwal
    January 22, 2019 @ 6:55 am

    मुझे शोभित गुप्ता जी की कहानी “खुदकुशी” बेहद पसंद आई..
    कहानी में इतनी वास्तविकता है कि पढ़ते हुए लगता है कि सब आंखो के सामने घटित हो रहा है
    मुझे शोभित जी का प्रयास बेहद सराहनीय लगा

    • शोभित गुप्ता
      January 22, 2019 @ 10:01 am

      बहुत शुक्रिया

  5. आशीष पटेल
    January 22, 2019 @ 10:48 am

    बेहतरीन बातों का संग्रह है ये इसे कहानी बनाकर अपने प्रेरणा दी है जीवन से भागने वाले जीवों को
    वाकई जीवन अनमोल है मेरे हिसाब से कहानी वही जिसमे कोई सलाहियत वाली बात हो इसमे तो जीने का मूलमंत्र है
    बहुत खूब शोभित जी

    • शोभित गुप्ता
      January 23, 2019 @ 5:56 pm

      बहुत शुक्रिया आशीष भाई

  6. विक्की
    January 22, 2019 @ 11:07 am

    जिंदगी बस जिंदगी है बाकि सब झूठ है और इसे जीने वाले ही जिंदादिल होते दिल टूटेगा नही तो और लडकिया कैसे आएंगी सिपैथी देने कितनी ही ऐसे अन्य चीजे भी है जो बताती है को हर एक से एक बेहतर चीजे जीवन में उपलब्ध है
    अंत …अंत तो है ही नही हर अंत एक नई शुरुवात है
    कहानी बहुत अच्छी और उससे भी अच्छे आप शोभित भैया ????

    • शोभित गुप्ता
      January 22, 2019 @ 2:03 pm

      बहुत शुक्रिया विक्की भाई.

  7. Rajesh Varshney
    January 22, 2019 @ 1:49 pm

    प्रेरणाप्रद कहानी, इस कहानी को पढकर कोई भी अपने जीवन को खत्म करने के बारे मे नही सोचेगा, परेशानी और कठिनाइया हर किसी के जीवन मे आती है, लेकिन उनका अंत मृत्यु या खुदकुशी नही होता, लाजबाब कहानी ??

    • शोभित गुप्ता
      January 22, 2019 @ 11:17 pm

      बहुत शुक्रिया राजेश भाई.

  8. विकास नैनवाल
    January 23, 2019 @ 1:02 pm

    मार्मिक कहानी। मुश्किलों के आगे घुटने टेकने से बात नहीं बनती और कोई भी मुश्किल ऐसी नहीं कि उससे जूझा न जा सके।

    • शोभित गुप्ता
      January 23, 2019 @ 2:21 pm

      शुक्रिया विकास भाई

  9. सुशीला
    January 23, 2019 @ 9:52 pm

    ये जीवन की वास्तविकता है और एक सराहनीय कदम है

    • शोभित गुप्ता
      January 23, 2019 @ 10:44 pm

      शुक्रिया मम्मी जी

  10. Shweta Chaturvedi
    January 24, 2019 @ 1:20 pm

    बहुत बढ़िया.. प्रेरक

    • शोभित गुप्ता
      January 24, 2019 @ 2:01 pm

      बहुत शुक्रिया

  11. राजा अवस्थी
    January 26, 2019 @ 6:29 pm

    शोभित की कहानी ‘खुदकुशी’ अच्छी कहानी है। मनोविश्लेषण के रास्ते यह आत्महत्या करने वाले की मन:स्थितियों का वास्तविक विश्लेषण करती है। एक जटिल मन:स्थिति को कहानी में लाने का विचार जितना आसान हो सकता है, सच में उसे कहानी में ले आना काफी मुश्किल काम है। एक जटिल प्रक्रिया को जितनी सरल भाषा में शोभित ने कहानी में पिरोया है, वह प्रशंसा करने लायक है। भविष्य में हमें इनसे बहुत उम्मीदें जगती हैं।
    सादर
    राजा अवस्थी, कटनी

    • शोभित गुप्ता
      January 26, 2019 @ 8:10 pm

      बहुत शुक्रिया राजा जी. भविष्य में और बेहतर लिखने की कोशिश रहेगी

  12. Kapil
    January 26, 2019 @ 10:07 pm

    Amazing Storytelling !!
    I could imagine the entire event in my mind.

    • शोभित गुप्ता
      January 26, 2019 @ 10:49 pm

      बहुत शुक्रिया कपिल भाई

  13. Ram
    January 27, 2019 @ 7:48 pm

    Bahut badhiya

    • शोभित गुप्ता
      January 27, 2019 @ 9:21 pm

      बहुत शुक्रिया राम जी

  14. प्रहलाद नारायण माथुर
    January 27, 2019 @ 8:28 pm

    बहुत ही सटीक बैठती है आज के जीवन में।

    • शोभित गुप्ता
      January 27, 2019 @ 9:22 pm

      बहुत शुक्रिया अंकल जी

  15. Divashree
    January 31, 2019 @ 12:14 pm

    Excellent story written on life facts

    • शोभित गुप्ता
      February 1, 2019 @ 10:09 pm

      Thanks

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