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3 Comments

  1. गिरिजेश कुमार यादव
    February 1, 2019 @ 8:39 pm

    बेहतरीन कहानी ….अंत तक एक उत्सुकता बनी रहती है कि जब नफ़ीसा अपने आबिद के गाँव पहुँचेगी तो क्या होगा।एक सफल कहानी के लिए उत्सुकता का बने रहना अनिवार्य अंग होता है। आलोक जी को बधाई!

  2. मंजू सक्सेना
    February 5, 2019 @ 9:56 pm

    बहुत अच्छी कहानी….आरम्भ से अंत तक पाठकों को एक उत्सुकता से बांधे रखती है कि नफी़सा पर गांव पहुंचने पर क्या बीती…

  3. NUTAN SINGH
    April 22, 2020 @ 9:03 am

    Shayad isiliye jad se Jude rahna chahiye .sukhe Patton ka koi thaur nahi hota.

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