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9 Comments

  1. विक्की
    August 31, 2018 @ 8:21 pm

    ?

  2. सत्येन्द्र वर्मा
    September 1, 2018 @ 2:48 am

    अमृता की ये कहानी पढ़ कर मुझे इस्मत की कहानी याद आ गई। आशा है, इस यात्रा में आपसे ऐसे ही और अनमोल नगीने देखने को मिलेंगे

    • राजीव सिन्हा
      September 1, 2018 @ 9:03 am

      धन्यवाद.. साथ बनाए रखें..

    • स्वदेश बुध्वार
      September 1, 2018 @ 10:28 am

      ऐसे यथार्थ विषयों को छूने की हिम्मत विरले ही कर सकते, निःसन्देह मन को छूने वाली रचना , मुझ तक पहुचाने का आभार,

  3. राजीव रोशन
    September 1, 2018 @ 2:52 am

    वाह।बेहतरीन कहानी। अमृता प्रीतम जी की अन्य कहानियां भी लगाएं, पढ़ना चाहूंगा।

  4. महेन्द्र सिंह राजपुरोहीत
    September 1, 2018 @ 8:55 am

    मार्मिक कहानी
    सच्चाई की भयानक कठोरता की शानदार मिसाल

  5. Paramjit
    September 1, 2018 @ 10:27 am

    बेहतरीन कहानी या हक़ीक़त , खुदा जाने लेकिन इस अंदाजेबयां को बिना नाम के पाठक पहचान जाएंगे ।

  6. संतोष तिवारी
    May 10, 2021 @ 11:28 am

    बेहतरीन।काम शब्दों में इतने बड़े कलेवर को समेट लेना इनके बस में ही था।

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