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सिद्धार्थ अरोड़ा सहर

सिद्धार्थ अरोड़ा 'सहर' दिल से कहानीकार हैं और अब साथ ही पटकथा लेखन में भी हाथ आज़माने लगे हैं। किताबें और फिल्मों के बड़े रसिया हैं, न सिर्फ देखते/पढ़ते हैं बल्कि पढ़ने/देखने के बाद वृहद समीक्षा लिखने का भी शौक रखते हैं। हाल यूँ हो गया है कि बाजलोग फिल्म समीक्षक भी कहने लगे हैं। स्कूल जाने की उम्र से ही अपने हमउम्र दोस्तों के साथ चौपाल सजाकर कहानियाँ सुनाना इनका पसंदीदा शगल था। रामलीला से इस कद्र प्रभावित हुए कि 'रावायण' नामक एक लघु उपन्यास लिख बैठे। 2020 के अंत तक इनका दूसरा नॉवेल आने की पूरी संभावना है। हाल फिलहाल समसामयिक मुद्दों पर लिखना शुरु कर चुके हैं।

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